मेरी बेइंतहा मोहब्बत की मिसाल हो तुम कुछ अनकही सी यादों की मिठास हो तुम! मेरी बेइंतहा मोहब्बत की मिसाल हो तुम कुछ अनकही सी यादों की मिठास हो तुम!
मगर हमे सिर्फ़ तुम्हारी तन्हाई का साथ चाहिये।। मगर हमे सिर्फ़ तुम्हारी तन्हाई का साथ चाहिये।।
कभी तू जिंदगी बन मुस्करा कर कुछ कहती रहीमैं बिना सुने दर्द की तरह घसीटता रहा कभी तू जिंदगी बन मुस्करा कर कुछ कहती रहीमैं बिना सुने दर्द की तरह घसीटता रहा
एक अनकही... एक अनकही...
अब की जो खिलूँ बन कर फूल, मुझे मुरझाने न देना अब की जो खिलूँ बन कर फूल, मुझे मुरझाने न देना
भीड़ में अकेला भटकने लगा है दिल साथ तो है पर खोया है कही और दिल क्यूँ जो कहना है नहीं कह पाता ह... भीड़ में अकेला भटकने लगा है दिल साथ तो है पर खोया है कही और दिल क्यूँ जो कहन...